Most Famous Naat 2026 | Wo Shehr e Mohabbat | Agar Harf e Aaqa ki Hurmat pe Aya | Muhammad Arqam

इसे शेयर करें:
WhatsApp Facebook

ارے بھائی!

اگر آپ ہزاروں کتابیں، نعتیں، تصاویر، ویڈیوز، اخبار، مضامین، قبلہ نما، اوقات نماز، اسلامک گھڑی اور بہت کچھ آسانی کے ساتھ حاصل کرنا چاہتے ہیں تو بس ہمارے Islamic Tube ایپ کو پلے سٹور سے انسٹال کرو، اور بالکل مفت اور آسانی کے ساتھ اسلامک مواد حاصل کرو

ڈاؤن لوڈ کریں

Naats

अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा

अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा

हज़रत मौलाना मोहम्मद अशरफ़ अली थानवी रहमतुल्लाह अलैह जब कोई दुआ मांगते और आंख से कोई आंसू आता, तो हज़रत उन आंसुओं को अपने चेहरे पर मल लिया करते थे। एक बार एक छात्र (طالب علم) ने देख लिया। उसने कहा, "हज़रत! आपका यह अमल किस बिना पर (किस आधार पर) है?" फ़रमाया: "मैं उम्मीद करता हूँ कि अल्लाह तआला इन आंसुओं की बरकत से मेरे चेहरे को जहन्नम की आग से महफ़ूज़ (सुरक्षित) फ़रमाएंगे।" वह भी आख़िर छात्र था, कहने लगा: "अगर किसी का चेहरा बच भी गया और बाक़ी जिस्म के अंग न बचे, तो फिर क्या फ़ायदा........?" इस पर हज़रत अक़दस रहमतुल्लाह अलैह ने एक हिकायत (किस्सा) बयान फ़रमाई: बादशाह औरंगज़ेब आलमगीर रहमतुल्लाह अलैह के ज़माने में एक वज़ीर का इंतक़ाल हो गया। वज़ीर का एक बेटा था जो छोटी उम्र का था लेकिन बहुत समझदार था। बादशाह ने उस बच्चे को दिल-लगी (मनोरंजन) के ख़ातिर बुलाया। जब वह बच्चा हाज़िर हुआ, तो उस समय औरंगज़ेब आलमगीर रहमतुल्लाह अलैह एक तालाब के किनारे बैठे थे, जो उन्होंने अपने महल में बनवाया था। वह बच्चा क़रीब आया, सलाम किया। जब उसने मुसाफ़हा (हाथ मिलाना) किया, तो बादशाह ने उसकी उंगलियां मज़बूती से पकड़ लीं और बच्चे से कहा, "अगर मैं तुम्हें खींचकर पानी में डाल दूँ तो.....?" वह बच्चा मुस्कुरा दिया। बादशाह औरंगज़ेब बड़े हैरान हुए कि बच्चे को तो घबराना चाहिए था, और सब कहते हैं कि बच्चा समझदार है। चुनांचे आपने पूछा: "तुम क्यों हंस रहे हो........?" वह बच्चा कहने लगा: "जहाँपनाह (बादशाह सलामत)! मेरे हाथ की कुछ उंगलियां आपके हाथों में हैं, भला मुझे डूबने का क्या डर है? यह कैसे हो सकता है कि आप मुझे अपनी आँखों के सामने खींचकर इस पानी में डुबो देंगे।" यह हिकायत सुनाकर हज़रत अक़दस थानवी रहमतुल्लाह अलैह ने फ़रमाया: "अगर उस बच्चे को बादशाह की उंगलियां पकड़ने पर इतना भरोसा है, तो क्या अल्लाह की रहमत पर हमें इतना भी भरोसा न हो कि अगर वह चेहरे को जहन्नम की आग से बचाएंगे, तो पूरे जिस्म को भी जहन्नम की आग से आज़ाद फ़रमा देंगे। हर देने वाला अपनी हैसियत के मुताबिक़ देता है। बादशाहों के अताया (उपहार) बादशाहों की शान के मुताबिक़ होते हैं। हम भी अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त से बेहतरीन हुस्ने-ज़न (सकारात्मक उम्मीद) रखेंगे, तो वह अपनी शान के मुताबिक़ मुआमला फ़रमाएंगे।" बाप अपने छोटे बच्चे को थोड़ा सा दूर खड़ा करके कहता है: "बेटा, मेरी तरफ आओ।" वह बच्चा बहुत कोशिश करता है लेकिन वह अपनी कोशिश में नाकाम हो जाता है, लेकिन वह बच्चा अपने बाप पर भरोसा करते हुए कोशिश जारी रखता है। फिर बाप की मोहब्बत जोश में आती है, तो बाप ख़ुद जाकर बच्चे को अपनी आगोश (लपेट) में ले लेता है। इसी तरह हम भी अपने रब की रज़ा हासिल करने के लिए कोशिश जारी रखें। हमारी कोशिश कमज़ोर भी हुई, तो माता-पिता से सत्तर गुना ज़्यादा मोहब्बत करने वाला शहंशाह हमें ज़रूर अपनी मोहब्बत अता फ़रमा देगा। जब हमें अल्लाह तआला की मोहब्बत नसीब हो गई, तो हम दुनिया और आख़िरत में कामयाब व कामरान हो जाएंगे। ____________📝📝____________ मनक़ूल। चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप ____________📝📝____________